समय पर काम करना सीखो और प्राथमिकता को महत्व दो कौन सा काम पहले करना है।
Friday, April 14, 2017
Sunday, April 9, 2017
Friday, March 31, 2017
जब समंदर मंथन
Friday, March 10, 2017
प्रकृति का नियम है
प्रकृति का नियम है कि हर कोई गतिमान है। चींटियों को देखिए। छोटी सी चीटी अँधेरे में भी दौड़ी चली आ रही है। अचानक आप लाइट जलाते है, देखकर आश्चर्य होता है कि अँधेरे में भी चीटियाँ दौड़ी चली जा रहीं है। शरीर से ज्यादा समान उठाकर जा रही होती है। छोटे से जीवन को भी पता है कि कर्म करते रहना है। खाली नहीं बैठना है। वस्तुतः जीवन गति का नाम है। कर्म करो पर सुव्यवस्थित होकर। शरीर की यात्रा तभी ठीक रहती है, जब कर्म से जुड़े रहते है। यदि कर्म से विमुख हो गये तो जीवन यात्रा ठीक से चलने वाली नहीं है।
Thursday, March 9, 2017
ध्यान रखो
Monday, February 27, 2017
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From: Madan Gopal Garga <mggarga2013@gmail.com>
Date: Tue, Jan 31, 2017 at 6:51 PM
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Sunday, February 26, 2017
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Date: Fri, Feb 24, 2017 at 12:20 PM
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apne nam ka card banayen
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Saturday, February 4, 2017
समय पर काम
Friday, February 3, 2017
"जीवन में कभी
"जीवन में कभी ऐसी घडियाँ भी आती है जब शब्द रुक जाते है, वाणी रुन्ध जाती है आप भाव विभोर होकर ईश्वर का धन्यवाद करना चाहते है, मगर वाणी साथ नहीं देती।
रोएं रोएं में कम्पन आ जाए, कुछ कह न पाएं , समझ न आए क्या कहुं ? मगर आभार व्यक्त करने का भाव जागृत हो जाए – वह प्रेम की अभिव्यक्ति है। भगवान की कृपाओं
के लिए जब शब्द न मिलें , होंठ हिलते रहें "प्रभु कैसे पुकारुं, क्या नाम दूं, किन शब्दों में तेरी प्रार्थना करुं। बुद्धि भी काम नहीं करती, बस तू मेरा है –केवल मेरा है" जब शब्द
मिल न पाएँ और आप कहना चाहते हों यह स्वरुप है प्रेम का। प्रेम में आप शब्द नहीं कह पाते, पर आपकी क्रियाओं में प्रेम है।"
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परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज
Thursday, February 2, 2017
प्रत्येक दिन
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