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Saturday, February 4, 2017

समय पर काम

समय पर काम करना सीखो और प्राथमिकता को महत्व दो कौन सा काम पहले करना है।

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

 

Friday, February 3, 2017

"जीवन में कभी

"जीवन में कभी ऐसी घडियाँ भी आती है जब शब्द रुक जाते है, वाणी रुन्ध जाती है आप भाव विभोर होकर ईश्वर का धन्यवाद करना चाहते है, मगर वाणी साथ नहीं देती।

रोएं रोएं में कम्पन आ जाए, कुछ कह न पाएं , समझ न आए क्या कहुं ? मगर आभार व्यक्त करने का भाव जागृत हो जाए  वह प्रेम की अभिव्यक्ति है। भगवान की कृपाओं

के लिए जब शब्द न मिलें , होंठ हिलते रहें "प्रभु कैसे पुकारुं, क्या नाम दूं, किन शब्दों में तेरी प्रार्थना करुं। बुद्धि भी काम नहीं करती, बस तू मेरा है केवल मेरा है" जब शब्द

मिल न पाएँ और आप कहना चाहते हों यह स्वरुप है प्रेम का। प्रेम में आप शब्द नहीं कह पाते, पर आपकी क्रियाओं में प्रेम है।"

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परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज

Thursday, February 2, 2017

प्रत्येक दिन




प्रत्येक दिन संकल्प कर के यात्रा शुरु करें। वादा अपने आप से कि आज का दिन जो प्रभु ने दिया है उसे मंगलमय बनाने का पूरा प्रयास करुंगा ।

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 परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

Monday, January 9, 2017

Wednesday, December 28, 2016

Saturday, December 24, 2016

आत्म-निर्माण


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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 


आत्म-निर्माण की योजना और आत्म-विकास की योजना तब तक अधूरी है जब तक हम स्वंय के लिए कुछ नियम न बनाएँ, कुछ सिद्धान्त न बनाएँ ।

Wednesday, December 21, 2016

अंधेरे से बाहर आने


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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 


अंधेरे से बाहर आने की कोशिश करो ! सूर्य- चन्द्रमा को भी ग्रहण लगता हे ,वस्तुत: ग्रहण कुछ नहीं होता ,बस कुछ देर के लिए छाया पड़ जाती है ,ऐसे ही जिंदगी में थोड़ी देर के लिए आई दुर्भाग्य की छाया से निराश मत् होना ! दुर्भाग्य मिटेगा और सैभाग्य क़ा सूर्य चमकेगा जरुर ! 

Sunday, December 18, 2016

किसी के लिए








किसी के लिए अच्छा कहना हो तो निर्धन मत बनो,अच्छे गुणों की प्रशंसा करके उत्साहित करें।
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Friday, December 16, 2016

कमजोर मनशक्ति ही

१. कमजोर मनशक्ति ही अंधविश्वास क़ा बहुत बड़ा कारण है 
२. मनुष्य को ज्यादा भाग्यवादी नहीं बनना चाहिए वरना उसकी कर्म करने की शक्ति कमजोर हो जाती है और वह आगे नहीं बढ़ पाता
प्ररमपुज्य सुधांशुजी महाराज के प्रवचनांश